ध्यान/मैडिटेशन कैसे करें -How To Do Meditation In Hindi

जैसा की आपको पता होगा की हर एक इन्सान की ज़िन्दगी में सफलता – विफलता, खोना – पाना, दुःख – सुख के दौर आते जाते रहते है।

केलोग तो इस चीज़ का डटकर सामना कर लेते है और कई बार कुछ लोग तो घबराकर हार मन लेते है।

बहुत बार बच्चो के एक्साम्स के समय देखा जाता है की किस तरह से बच्चे तनाव से झुझते है और उनके दिमाग में किस तरह के बहुत सरे नकारात्मक विचार चलते रहते है।

कई बार तो जो बच्चे जो की कमज़ोर दिल के होते है वो तो आत्महत्या जैसे विचार भी अपने जहम मेंले आते है और कई तो आत्महत्या भी कर लेते है।

दुनिया में तरह-तरह के लोग होते है कुछ लोग छोटी-छोटी बिमारियों पर हर मान लेते है और कई तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थतियों में भी आपना कण्ट्रोल नही खोते है।

हमने जब सोचा की आखिर ऐसा क्यों होता है की एक ही परिस्थतियों में दो अलग-अलग तरीको से रियेक्ट करते है। विज्ञान के अनुसार ऐसा देखा गया है की इंसान के साथ ऐसा सिर्फ इम्यून सिस्टम की वजह से होता है।

how to do meditation

आपको बता दें की जो लोग कमज़ोर दिल के होते है उनका इम्यून सिस्टम भी बहुत कमज़ोर होता है और जिसकी वजह से वो लोग टेंशन में, बिमारियों में और दूसरी अन्य परिस्थितियो में बहुत ज़ल्दी घबरा जा जाते है और ऐसे लोगो के लिए सबसे उत्तम और बेस्ट इलाज है मैडिटेशन।

जी हाँ, मैडिटेशन यानि की ध्यान जो की सिर्फ अध्‍यात्‍म से ही नही बल्कि ये विज्ञान से भी जुदा है।

आपको बता दें की वैज्ञानिक शोधों (रिसर्च) के जरिए इन बातों की पुष्ठी की जा चुकी है की अगर कोई रोजाना मैडिटेशन करता है तो उनका इम्यून सिस्टम भी बहुत मजबूत होता है और उसके साथ-साथ उनका स्वास्थ भी बेहतर बना रहता है और इससे उनकी याद्दाश्‍त बढ़ती है।

Table of Contents

मैडिटेशन क्या होता है? (What Is Meditation)

आपको बता दें की मैडिटेशन यानि की ध्यान एक प्रकार की क्रिया होती है जिसमे की आप अपने मन को चेतन को एक विशेष अवस्था में लेन की भरपूर कोशिश करता है।

आपको बता दें की मैडिटेशन का उद्देश्य लाभ प्राप्त करना भी हो सकता है या फिर मैडिटेशन आपके मन में एक प्रकार से एक लक्ष्य भी ह सकता है।

मैडिटेशन में आप अपने मन को शांति देने से लेकर एक आतंरिक उर्जा (Enrgy) या फिर जीवन-शक्ति (प्राण आदि) का निर्माण करना भी हो सकता है जो की हमारी ज़िन्दगी में एक सकारात्मकता और खुशहाली लेकर आता है।

how to do meditaion

मैडिटेशन (ध्यान) के फ़ायदे (Benefits Of Meditation)

हमारे पुराने बुजुर्गो द्वारा और बहुत से लोगो द्वारा भी बताया जाता है की मैडिटेशन यानि की ध्यान लगाने के बहुत सरे फ़ायदे होते है और जो की हमारे शारीर पर भी सकारात्मक असर डालते है।

आपको बता दें की लोग ऐसे ही नही बोलते है की आपको मैडिटेशन करना चाहिए बल्कि इसके बहुत सरे फ़ायदे भी होते है। तो चलिए जानते है की मैडिटेशन करने से आपको क़िस्त तरह के और क्या-क्या फ़ायदे होते है।

  • मैडिटेशन करने से आपको नकारात्मक विचारो से मुक्ति मिलती है।
  • आपका तनाव और डिप्रेशन भी दूर होते है।
  • आपका यदाश्त भी तेज़ ( मजबूत ) होती है।
  • आपको अताम्ज्ञान की प्राप्ति होती।
  • आपको सिर दर्द से भी छुटकारा मिलता है।
  • आपका दृष्टिकोण भी सकारात्मक होता है।
  • आपको अपने जीवन के उद्देश्य को समझने में मदद मिलती है।
  • आपको धम्रपान और नशे जैसी बुरी आदतों से छुटकारा मिलता है।
  • आपको चिंता से भी छुटकारा मिलता है।
  • आपको एल्जाइमर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बिमारियों से भी लड़ने में मदद मिलती है।
  • आपको मनोवैज्ञानिक बिमारियों जैसे की डिमेंशिया, ओसीडी, अवसाद और सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारियाँ होने की भी सम्भावना घट जाती है।
  • हमारे शारीर में कोर्टिसोल नामक हॉर्मोन जो की स्राव और सही मात्रा में हमारे शारीर में होता है और जिससे की हमारा दिमाग शांत रहता है। इससे हमारा दिमाग स्ट्रेस और टेंशन से भी दूर रहती है।
  • आप भगवन से जुड़े रहते है।
  • आप अपने काम को बिलकुल ठीक ढंग से और समय पर कर सकते है।
  • आपका शारीर हेल्थी रहता है और आपको नीदं भी बहुत अच्छी आती है।

बिलकुल शुरू में मैडिटेशन (ध्यान) कैसे करें (How To Start Meditation)

बिलकुल शुरुर में केवल 10 मिनट से ही मैडिटेशन को शुरु करें।

how to do meditation in hindi

यह है कुछ मैडिटेशन करने के आसान तरीके :

  • अगर आप बिलकुल नए है जिनको मैडिटेशन करना बिलकुल नही आता है तो आप एक काम करें अपने घर की किसी भी दिवार पर एक पॉइंट बना लें और उसको लगातार 20 मिनट तक देखते रहे और अगर आप ऐसा करते है तो इससे आपकी ध्यान लगाने की शक्ति में भी सुधर आयेगा और आप अच्छे से मैडिटेशन सीख पाएंगे।

 

  • किसी भी एक शांत जगह पर एकदम आराम से बैठ जाएं और कुछ भी बिलकुल सॉफ्ट सा म्युज़िक चला लें और धीरे-धीरे अपनी सांसो को काउंट करें। आप शुरुआत में ऐसा 10 मिनट तक करें और फिर धीरे-धीरे समय को बढाकर उसको 20 मिनट कर दें।

 

  • शुरुआत में ध्यान लगाने के लिए आपको अपने दिमाग को शांत करना बहुत जरुरी होता है। मैडिटेशन करते समय मन में क्रोध और किसी भी प्रकार की शारीर में जलन नही होनी चाहिए।

 

  • वैसे तो आप कभी भी मैडिटेशन कोकर सकते है लेकिन आपको बता दें की मैडिटेशन को करने का सही समय सुबह-सुबह जल्दी-जल्दी 6 से 8 बजे तक का माना जाता है।

 

  • हर रोज़ जो आप काम करते है उसको पूरी कंसंट्रेशन के साथ करें और देखते रहे की कहीं आपका दिमाग कुछ और तो नही सोच रहा है।

आप ध्यान लगाने के लिए इन निम्न  प्रक्रिया का पालन करें:

how to do meditation

  • सबसे पहले आप एक आरामदायक और एक शांत सी जगह का चयन करें जो की कोलाहल से बिलकुल दूर हों जहाँ की आप बिलकुल आराम से बैठ सके। अगर आप चाहे तो पलाथी मारकर भी वहाँ पर बैठ सकते है या फिर अगर आप चाहे तो आप केवल कुर्सी पर बैठकर भी ध्यान लगा सकते है।

 

  • धीरे-धीरे लम्बी सांसें लें और उसको ठीक उसी तरह से गहरी सांस लें और उसकी बिलकुल उसी वे में आराम से बहार निकल दें। ध्यान रखें की सांस लेते समय एक से दस तक उलटी गिनती गिनें और यह ध्यान रखें की सांसें को छोड़ते समय गिनें, लेते समय नही।

 

  • आप जब भी ध्यान लगाने बेठें तो आप यह बात ध्यान रखें की आपको किसी भी तरह की कोई भी दिक्कत न हो अगर आप चाहे तो आप एअर प्लग या फिर कानो में रुई डालकर भी बैठ सकते है।

 

  • आपको ध्यान लगते समय केवल ओर केवल अपने अन्दर की आवाज़ पर ही अपना ध्यान केन्द्रित करना है और आपके मष्तिक में जो भी बातें चल रही हों या फिर जो भी विचार आ रहे हो उनपर आपको ध्यान नही देना है। आपको अपनी सुन्ने की चाहत को भी कम करना है और वो आपको खुद ही सुनाई देंगी और आप अपने मन को भी शांत रखें।

 

मैडिटेशन को करने की टिप्स (Tips For Meditation)

सही जगह का चयन करें

आपको बता दें की मैडिटेशन खुद को रिलैक्स करने के लिए किया जाता है ओर इसीलिए आपको मैडिटेशन करने के लिए सही जगह का चयन करना बहुत जरुरी होता है और आपको ऐसी जगह चुननी चाहिए जो की आपकी सुविधा के बिलकुल अनुरूप हों।

हमारे कहने का तात्पर्य यह है की आपको एक ऐसी जगह और ऐसा समय चुनना चाहिए जिसमे की आपको कोई भी डिस्टर्ब ( परेशान ) न कर सकें और आप बिलकुल आसानी से बिना किसी के रोक-टोक के मैडिटेशन कर सकें।

आपको बता दें की मैडिटेशन के लिए सनसेट और सनराइज दोनों ही समय उपयुक्त माने गए है। यह दोनों ही समय ऐसे होते है जब की नेचर में दिन और रात का समय ट्रांजीशन होता है।

यह समय आपके लिए सही रहेगा और आपको इसी समय पर मैडिटेशन करना चाहिए।

meditation

मैडिटेशन के लिए एकदम आरामदायक जगह चुने

जैसा की हमने आपको ऊपर बताया था की मैडिटेशन केवल रिलैक्स करने के लिए किया जता है और उसमे आपका पोस्तुरे भी बहुत मायने रखता है।

आपको मैडिटेशन करते वक़्त इस बात का खास ध्यान रखना है की आप रिलैक्स होने के साथ-साथ एक दम कोम्फोरटेबल बैठें और सीधे बेठें।

मैडिटेशन करते समय आप आपनी कमर को एकदम सीधा रखें लेकिन आपनी गर्दन और कंधो को बिलकुल ढीला छोड़ दें। आपनी आँखों को पुरे समय बंद रखें लेकिन यह जरुरी नही है की आप ध्यान लगते समय केवल पद्मासन में ही बातें।

मैडिटेशन से पहले कुछ भी ना खाएं

आपको बता दें की मैडिटेशन को करने का सबसे बेस्ट समय है खाना खाने से पहले क्यूंकि खाना खाने के बाद ऐसा भी हो सकता है की क्या पता आप सो जाएं।

लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नही है की आप कुछ भी न खाएं।

आपको बता दें की अगर आपने काफी समय पहले खाना खाया था तो आपकी भूख आपको मैडिटेशन करने बिलकुल नही करने देगी और आप मैडिटेशन करते वक़्त सिर्फ और सिर्फ खाने के बारे में ही सोचते रहेंगे और इसीलिए आपका पेट मैडिटेशन करने के लिए पार्यप्त भरा होना चाहिए।

अगर आप खाना खा चुके है तो आप कम से कम दो या फिर तीन घंटे के बाद ही मैडिटेशन कर सकते है।

मैडिटेशन को बिलकुल खुश होकर करें

आपको मेदितातियो करते वक़्त इस बात का ध्यान रखना है की मैडिटेशन के सरे वक़्त आपके चेहरे पर एक जेंटल सी स्माइल होनी चाहिए जो की न केवल आपको रिलैक्स रखेगी बल्कि आपको बता दें की इससे आप खुद को थोडा सा शांत भी रख पाएंगे।

इसके साथ ही साथ यह आपके मैडिटेशन एक्सपीरियंस को भी सुधर देगी।

मैडिटेशन के लोए शांत जगह का चयन करें

आपको बता दें की मैडिटेशन के लिए सही समय के साथ-साथ सही जगह का चयन करना भी बहुत ज़रूरी होता है और आपको उसके हिसभ से ही सभ कुछ करना चाहिए।

आपको मैडिटेशन करने के लिए एक ऐसी जगह का चयन करना चाहिए जहाँ पर कोई भी आपको डिस्टर्ब न कर सकें।

आप ऐसी जगह चुने जहाँ पर आपको एकदम शांत वातावरण मिलें ताकि अआप अपने मैडिटेशन को एकदम एन्जॉय कर सकें।

हमेशा दुसरो के साथ मैडिटेशन करें

आपको बता दें की अगर आप अपने साथ किसी और को भी मैडिटेशन में शामिल कर लेते है तो ऐसे में आप मैडिटेशन को और भी आसानी से, तेज़ी से और उसके साथ ही साथ आप बड़े परिप्वक होने लगेंगे।

आपको बता दें की अगर आप ग्रुप मैडिटेशन करते है तो ऐसे में आप ज्यादा गहराई में जा पाएंगे और इसके साथ ही साथ आप pure divine एनर्जी को ज्यादा से ज्यादा अब्सोर्ब भी कर पाएंगे।

म्यूजिक और कैंडल का उपयोग करें

हो सकता है की आप बहुत लम्बे समय से मैडिटेशन कर रहे हों लेकिन फिर भी आपकी लाख कोशिशो के बाद भी आप अटेंशन और फोकस न कर पा रहे हों या फिर हो सकता है की आप जिस तरह से मैडिटेशन कर रहे हों वह आपके लिए बना ही न हों।

अगर आप चाहे तो आप शुरू-शुरू में म्यूजिक और कैंडल से भी मैडिटेशन कर सकते है। अगर एक बार आपका फ्लोए बन गया तो उसके बाद तो आप फिर से अपने पहले वाले नार्मल मैडिटेशन पर आ सकते है।

आपको बता दें की म्यूजिक और कैंडल से मैडिटेशन करने के इन्टरनेट पर बहुत सरे तरीके मौजूद है और उनमे से जो भी आपको सूटेबल लगे उसको अप अपना सकते है और अपने हिसाब से आप मैडिटेशन कर सकते है।

Meditation-Candle

मैडिटेशन से पहले हल्का सा वार्म उप जरुर करें

आपको बता दें की मैडिटेशन करने से पहले आपके शारीर को थोडा सा वार्म उप जरुर करें ताकि आपके शारीर में जो भी अकडन हों उसको वो दूर कर सकें क्यूंकि कई बार ऐसा होता है की अगर आप हल्का सा वार्म उप ना करें और सीधा मैडिटेशन करने लग जाये तो इससे आपके शारीर क बहुत ज्यादा नुकसान होता है और आपकी हड्डियाँ मटकने का भी ज्यादा चांस रहता है।

मैडिटेशन से पहले वार्म उप करने से यह आपके शारीर को बिलकुल हल्का बना देगा और इससे आप ज्यादा से ज्यादा समय ध्यान में लगा पाएंगे। वार्म उप करने से आप अपनी कमर को आचे से सीधा रख पाएंगे और मैडिटेशन के वक़्त अच्छे से बैठ पाएंगे।

मैडिटेशन के वक़्त सभी चिंताओं को भूल जाएं

आपको बता दें की थॉट्स एक हवाई जहाज की तरह होते है जो की आपके मन में टेक ऑफ और लैंडिंग करते ही रहते है लेकिन आपको बता दें की मैडिटेशन के वक़्त यह बहुत जरुरी है की आप सभी तरह की थॉट्स और चिन्ताओं को बिलकुल भूल जाएं और अपना पूरा का पूरा ध्यान केवल और केवल मैडिटेशन में ही रखें।

मैडिटेशन से पहले गहरी श्वास लें

आपको बता दें की मैडिटेशन को करते वक़्त आपको अपनी श्वास की गति पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी होता है और अगर आप मैडिटेशन के वक़्त गहरी श्वास लेते है तो यह आपके शारीर के लिए बहुत बेहतर होता है।

अगर आप चाहे तो आप मैडिटेशन से थोड़ी देर पहले नाड़ी-शोधन प्राणायाम भी कर सकते है। जिससे की आप बेहतर तौर पर श्वास लें पाएंगे और आप पुरे मैडिटेशन में खुद को काफी हद तक शांत कर पाएंगे।

मैडिटेशन के बाद धीरे-धीरे अपनी अपनी आँखों को खोलें

आपको बता दें की आपको मैडिटेशन को खत्म करते वक़्त आपको बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी है और मैडिटेशन के तुरंत बाद आपको अपनी आँखें बिलकुल भी न खोलें और न ही एकदम से खड़े हों।

मैडिटेशन करने के बाद आपको अपनी आंखें बिलकुल आराम से धीरे-धीरे खोलनी है और अपने आसपास के वातावरण को पहले ही जानने की कोशिश करें।

आपको इन बातों का खास ध्यान देना है की आप किस जगह पर बैठें हैं? आप किस पर बैठें है? आपकी श्वास कैसी चल रही है? आपको बता दें की इस तरह के observations आपको काफी सुकून दें सकते है ये मैडिटेशन को खत्म करने में भी आपकी मदद करेंगे।

Amit Shrivastava
 

हैल्लो, मेरा नाम अमित अम्बरीष श्रीवास्तव है। मैं एक लेखक और एक ब्लॉगर हॅू और मुझे रचनात्मक लेखक बहुत पसंद है। मैंने 2013 में अपनी ब्लॉगिंग करियर की शुरूआत की थी, और कभी पीछे नहीं देखा। य​ह ब्लाग मैने स्वास्थ्य और तंदुस्र्स्ती से सम्बन्धित अपने विचार साझा करने के लिये बनाया है और मुझे आशा है कि आपको इसका कॉंटेंट पसंद आयेगा।

Click Here to Leave a Comment Below 0 comments

Leave a Reply:

CommentLuv badge