सहजन के फायदे ,गुण और नुकशान (Moringa Sahjan In Hindi)

आप में से हर एक नें सहजन को कभी न कभी तो खाया ही होगा, ये न खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें बहुत सारे ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जिनका उपियोग आयुर्वेदिक दवाओं के रूप में किया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो इसे मोरिंगा ओलीफेरा  के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है के सहजन का हर एक अंग किसी न किसी काम आता है उदहारण के लिए इसके छाल का उपियोग गोंद बनाने के लिए, और इसके फूलों का उपियोग हर्बल टॉनिक या फिर सेक्स वर्धक बनाने में किया जाता है।

moringa benefits in hindi

सहजन मुख्यतः पूरी दुनिया में पाया जाता है लेकिन इसके सबसे अधिक पेड़ भारत ,अफगानिस्तान,हिमालय की पहाड़ियों,पाकिस्तान में पाए जाते हैं।सहजन को इंग्लिश में एक अन्य नाम  Drumstick tree के नाम से भी जाना जाता है।सहजन में प्रोटीन,एमिनो एसिड,बीता कैरोटिन के साथ साथ फिनोलिक जैसे तत्व पाए जाते हैं।सहजन में दर्द को कम करने के गुणों के साथ साथ आँख के रोग, गठिया  जैसे रोगों से लड़ने के लिए लाभकारी होता है।

सहजन को एक अन्य नाम से भी जाना जाता है जो दी मिराकल प्लांट यानी चमत्कारिक पोधा के नाम से है। अब तो आप भी इसके फायदों के बारे जानकारी लेने के लिए काफी उत्सुक होंगे तो चलिए ज्यादा बाते न करके सीधे इसके फायदों के बारे में जानकारी देते हैं।

सहजन के फायदे – Health benefits of Moringa in hindi

सेक्स के आनंद के लिए सहजन है लाभकारी

सहजन के फल हमारे शरीर से यौन रोगों को दूर रखने में मदद करता और साथ से ये उत्तेजना पैदा करने और यौन शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है।आयुर्वेद में सहजन का वर्णन एक सेक्स वर्धक के रूप में काफी अच्छे से किया गया है।

त्वचा के लिए

सहजन में त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी विटामीन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हमारी त्वचा को जवाँ और त्वचा की चमक को बरकरार रखने का काम करता है।सहजन से बनी सब्जी रोजाना या महीने में 10 बार खाने से नै सिर्फ सूखी त्वचा खिल उठती है बल्कि चेहरे पर हुए दाग धब्बे और पिम्पल तक भी ठीक हो जाते हैं।इसके बीजों का तेल लगाने से त्वचा की चमक हमेशा बनी रहती है।

सहजन के तेल में  बेहेनिक एसिड (behenic acid) की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसे चेहरे पर लगाने से मुहासों के दाग और ब्लैक स्पॉट एक दम खत्म हो जाते हैं, और चेहरा भी साफ़ हो जाता है।सहजन के बीज का उपिगोग शरीर एवं चेहरे को पोषण देता है, इसके साथ ये फेशियल मास्क और बॉडी मास्क में भी किया जाता है।

पेट सम्बंधित बिमारियों के लिए

सहजन पेट सम्भंदित बहुत सारी बिमारियों को ठीक करता है, जैसे दस्त, गैस जैसी समस्या,पेचिश,कोलाइटिस और अपच जैसी समस्यों के लिए इसका उपियोग बहुत पूराने समय से किया जा रहा है।पेट से जुडी समस्यओं को दूर करने के लिए आपको एक चम्मच सहजन की पत्तियाँ लेकर उसे एक चम्मच शहद के साथ पानी में मिलाकर हर रोज सुबह खाली पेट पीने से आप पेट से जुडी अधिकतर समस्यओं से छुटकारा पा सकते हैं।आप सहजन की फलियों की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं ये आपको कब्ज से राहत देगा। इसके साथ सहजन की सब्जी खाने से आपके गुर्दे और पीलिया के रोगी के लिए भी काफी लाभकारी होता है।

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वजन घटाने में सहजन है लाभकारी

सहजन का इस्तेमाल वजन घटाने में इसलिए भी किया जाता है क्योंकि ये एक बहुत ही शक्तिशाली मूत्रवर्धक है।सहजन एक तरह से शरीर में  एंटीबायोटिक के साथ दर्द निवारक का भी काम करता है और इसके रोजाना इस्तेमाल से ये आपने शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन को कम करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा ये अक्षतिग्रस्त हुई कोशिकाओ की मर्रम्मत में भी काम आता

ओवेरियन कैंसर का इलाज सहजन के द्वारा

सहजन की जड़ में बहुत सारे ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो एक औरत में अंडाशय के कैंसर को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखते हैं। सहजन में फाइटोकेमिकल कंपाउंड एवं एल्केनॉयड जैसे तत्व पाए जाते हैं और इसकी जड़ को हम सब्जी के रूप में या फिर कच्चा भी खा सकते हैं क्योंकि इसका स्वाद मूली के जैसा होता है।

हाई ब्लड प्रेशर में

जो लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं वो सहजन के इस्तेमाल से अपने उच्च रक्तचाप पर कण्ट्रोल पा सकते हैं और इसके अलावा ये मितली और घबराहट से भी बचाता है। उच्च रक्तचाप से बचने के लिए आप इसकी पत्तियों का रस निकालकर इसका काढ़ा बनाकर हर रोज सुबह उठकर पीने से धीरे धीरे आपका रक्तचाप नार्मल हो जाएगा।

सिरदर्द की है कारगर दवा

अगर आपको काफी लम्बे समय से सरदर्द है तो इससे बढ़िया और घरेलू इलाज आपको नहीं मिलेगा। इससे इलाज करने के लिए आपको इसकी पत्तियों को कूटकर इसका जूस बनाकर आप हर रोज पिएँ तो आपका सिरदर्द खत्म हो जाएगा आप इसकी सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं। सहजन के बीजो का पाउडर बनाकर इसे पीसने से भी आपका सिरदर्द ठीक हो जाएगा।

छोटे बच्चों के लिए होता है लाभदायक

सहजन  में काफी अच्छी मात्रा में कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे बहुत सारे ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो छोटे बच्चो के दाँतों तथा हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक हैं। इसके अलावा कोई गर्भवती महिला अगर सहजन का सेवन करती है तो इससे उसे और उसके पेट में पल रहे बच्चे के लिए भरपूर मात्रा में पोषण मिलता है।इसके अन्दर मिलने वाले सभी तत्व बच्चों के शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

सहजन का इस्तेमाल एक हेयर टॉनिक के रूप में

सहजन के बीजों में एक ख़ास किसम का तेल होता है जिसे बेन आयल भी कहा जाता है।यह तेल बालों को घना, बाल झड़ने की समस्या को दूर करना और इसके साथ  डैंड्रफ की समस्या से निजात दिलाने का काम करता है।आप सहजन की पत्तियों का सूप बनाकर या फिर इसे सब्जी के रूप में भी खा सकते हैं।

गुर्दे की पथरी की समस्या में सहजन कारगर है

दरअसल सहजन हमारे शरीर से अतिरिक्त कैल्शियम की मात्रा को बाहर निकालता है जिससे हमे पथरी की समस्या नहीं होती और हो भी जाए तो ये इसके कारण होने वाले दर्द को कम करता है और साथ ही पथरी को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में भी मदद करता है। आप सहजन की पत्तियों को पीसकर इसका काढ़ा बनाकर हर रोज सुबह उठकर पीने से पथरी की समस्या ठीक हो जाती है।

सहजन के फूलों की चाय भी है कारगर 

sehjan soup

सहजन के फूलों में न्यूट्रीशनल गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके फूलों की चाय पीने से पेशाब में इन्फेक्शन के साथ साथ सर्दी-जुकाम को भी ठीक करती है।सहजन के फूलों को हम सलाद के रूप में भी खा सकते हैं। अगर देखा जाए तो सहजन के इतने फायदे हैं किअगर हम आपको सारे गिनवाने लग जाए तो गिनती कम पड़ जाएगी। सहजन हमारे शरीर से अनिद्रा, अस्थमा, हाइपरटेंशन, Rheumatoid आर्थराइटिस, एनीमिया, आंत का अल्सर को दूर भागता है और चोट के कारण हुए किसी घाव को भी जल्दी भरता है। दिमाग के लिए भी सहजन बेहद कारगर है। सहजन हमें तनाव, बेचैनी, थकान, भूलने की बीमारी से भी बचाने का काम करता है।

मोरिंगा के नुकसान (Side Effects Of Moringa)

  • गर्भवती महिलाओं को सहजन के पत्ते, जड़, छाल और फूलों को गर्भावस्था के दोरान कभी नहीं खाना चाहिए,क्योंकि इससे ग्रभपात का खतरा बन जाता है।
  • दरअसल सहजन की पत्तियों में लैक्जेटिव के गुण मौजूद होते हैं जिसके कारण हमारे पेट में गड़बड़ हो सकती है इसीलिए इसके ज्यादा सेवन से भी बचना चाहिए।
  • इसके कारण हमें छाती में जलन और डायरिया भी हो सकता है।
  • बच्चा होने के कुछ दिन बाद ही इसे खाना चाहिए।
  • पीरियड्स के समय सहजन का सेवन पित्त को बढ़ावा देता है, इसलिए इस समय इसके सेवन से बचें।

सहजन का पौधा कैसे लगायें – HOW TO GROW MORINGA IN HINDI

सहजन का पौधा किसी भी प्रकार की मिटटी में चल जाता है और इसे पानी की भी कम ही जरुरत पड़ती है।इसके पोधे को हूँ बीज के द्वारा या फिर सीधे नर्सरी से भी खरीदकर लगा सकते हैं, और आप इसकी किसी टहनी को भी गाड़कर लगा सकते हैं।

sehjan ke ped

अगर आप इसे ज्यादा मात्रा में लगवाने की सोच रहे हैं तो 1 से दुसरे पोधे के बीच कम से कम 7 फीट का फासला जरुर हो।  इसकी सबसे बढ़िया किस्में है ज्योति1, रोहित1, कोयंबटूर2, पी.के.एम2।सहजन के बीज बोने से पहले रात भर पानी में भिगोकर रखें. सुबह बीज फोड़कर अंदर वाली गुठली को ही बोयें।

तो दोस्तों ये थे हमारे द्वारा आज के इस आर्टिकल में बताए गए सहजन के फायदे ,गुण और नुकशान (Moringa Sahjan In Hindi), पसंद आया होतो इसे शेयर जरुर करें। 

 

 

Amit Shrivastava
 

हैल्लो, मेरा नाम अमित अम्बरीष श्रीवास्तव है। मैं एक लेखक और एक ब्लॉगर हॅू और मुझे रचनात्मक लेखक बहुत पसंद है। मैंने 2013 में अपनी ब्लॉगिंग करियर की शुरूआत की थी, और कभी पीछे नहीं देखा। य​ह ब्लाग मैने स्वास्थ्य और तंदुस्र्स्ती से सम्बन्धित अपने विचार साझा करने के लिये बनाया है और मुझे आशा है कि आपको इसका कॉंटेंट पसंद आयेगा।

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