Chickenpox Treatment in hindi -चिकेन पॉक्स का घरेलू ईलाज

क्या आपने किसी चिकन पॉक्स से पीड़ित मरीज को देखा है? अगर आपने देखा होगा तो आप उसकी तकलीफ से वाकिफ अच्छी तरह से होंगे, एक चिकन पॉक्स के मरीज को कम से कम 21 दिन तक होने वाले इस रोग से जूझना पड़ता है।उसका आप एक नमूना इस तस्वीर में भी देख सकते हैं।

chikenpox treatment in hindi

चिकन पॉक्स को हम आम भाषा में छोटी माता या चेचक भी कहते हैं और दरअसल ये एक बहुत ही भयंकर संक्रामक बीमारी होती हैं। इस रोग में रोगी के पुरे शरीर पर छोटे छोटे फफोले या छाले हो जाते हैं जो खुजली वाले होते हैं और इसके साथ रोगी को सर दर्द, बुखार और थकान हो जाती है।

चिकन पॉक्स या छोटी माता हमारे शरीर में वैरिकाला-ज़ोस्टर नमक वायरस के कारण होती है और डॉक्टरों की मुताबिक चिकन पॉक्स गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाता है। दोस्तों इससे पहले की हम आपको चिकन पॉक्स को ठीक करने के घरेलू इलाज बताएँ आपका ये जानकारी लेना भी जरुर है के चिकन पॉक्स होने के शुरुवाती लक्षण क्या हैं और इसके कारण क्या हैं। तो चलिए दोस्तों पहले ये जानकारी हम आपको दे देते हैं।

चिकन पॉक्स के लक्षण:

चिकन पॉक्स संक्रमण, वायरस के संपर्क के 10 से 21 दिन बाद होता है और आम तौर पर लगभग 5 से 10 दिनों तक रहता है। लाल चकत्ते चिकन पॉक्स के सबसे आम लक्षण हैं। व्यक्ति के संक्रमित होने के 2 दिन बाद दाने शरीर पर प्रकट होते हैं। दाना एक छाले मे बदल जाता है और फिर फट कर पपड़ी बन जाता है। अन्य लक्षणों में बुखार, थकान, भूख की हानि और मांसपेशियों का दर्द शामिल है।

chiken pox ke lakshan

जब चिकन पॉक्स के वायरस किसी के शरीर में प्रवेश करते हैं तो उसके लगभग 10 से लेकर 21 दिन बाद सक्रीय होता है। रोगी के शरीर पर शुरुवाती दौर में छोटे छोटे लाल दाने होते हैं, बाद में ये दाने छालों में बदलकर बड़े हो जाते हैं और फिर अंत में पपड़ी बनकर ठीक होते है। इस दौरान मरीज को और भी अन्य बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जैसे बुखार, सिर दर्द, भूख कम लगना, शरीर थका सा रहना।

चिकन पॉक्स छोटे बच्चों में होने की संभावना ज्यादा रहती है और जब चिकन पॉक्स के दाने एक बार उभर आते हैं तो ये कई दिन तक रहते हैं। दाने होने के थोड़े दिन बाद इनमें खुजली होने लग जाती है और ये काफी दर्दभरी होती है। चिकन पॉक्स हमारे शरीर के उत्तकों, त्वचा, हड्डियों, को कमजोर करता है, इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, और हमारे मस्तिष्क में सुजन भी पैदा कर देता है।

चिकन पॉक्स होने के कारण:

चिकन पॉक्स एक भयंकर संक्रामक बीमारी हैं जो एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में फैलती है। यह बीमारी वैरियोला(Herpes Vericella Zoster Virus) नामक वायरस के कारण होती है। चिकन पॉक्स आज से 50 साल पहले बहुत भयावक रोग माना जाता था क्योंकि ये जिसको भी होता था उसके पास कोई जाता तक नहीं था और चूँकि दवाई न होने के कारण रोगी की मौत तक हो जाती थी और ये संक्रामक होने के कारण बहुत सारे लोगों को अपनी चपेट में ले लेता था।

चिकन पॉक्स एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में उसके चुने, छींक, गंदे कपडे, बिस्तर, मरीज के फोड़े फुंसी से निकले द्रव आदि से हो सकता है। ये रोग बच्चों में सबसे ज्यादा होने का खतरा रहता है क्योंकि उनके शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बड़ों के मुकाबले कम होती है तो इसी कारण वायरस उनके शरीर में जल्दी प्रवेश करता है।

चिकन पॉक्स से बचाव के तरीके:

चिकन पॉक्स रोग एक संक्रामक रोग होने के कारण ये एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में फ़ैल जाता है और अगर आपने कभी चिकन पॉक्स से बचाव का कोई भी टीका नहीं लगवाया है तो इसके होने के चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं।

chikenpox injection

चिकन पॉक्स प्रतिरक्षण टीका:

  • चिकन पॉक्स का टीका सबसे ज्यादा जरुरी होता है जो महिला गर्भवती होने जा रही हैं फिर गर्भधारण के पहले या दुसरे हफ्ते में हैं लगवा लेना चाहिए अन्यथा ये गर्भिवती महिला को कभी भी अपनी चपेट में ले सकता है और किसी गर्भवती महिला को चिकन पॉक्स होने का मतलब के सीधा सीधा उसका असर उसके बच्चे पर होगा।
  • जिन बच्चों की उम्र 12 साल से कम है उन्हें भी इस टीका को लगवा लेना चाहिए।
  • इस टीका को वो लोग भी लगवा सकते हैं जिन्होंने बचपन में टीका नहीं लगवाया और अब इस बात से दर रहे हैं के कही उन्हें भी चिकन पॉक्स नै हो जाये।
  • अगर आपके आस पास किसी को चिकन पॉक्स हो भी जाता है तो बेहतर यही होगा के उससे दूर रहा जाए और अगर किसी कारणवस् उसके पास जाना भी पड़े तो कोशिश करना उसके द्वारा इस्तेमाल की गयी किसी चीज छूने से बचें।
  • अक्षर देखा गया है लोग चिकन पॉक्स होने पर मानते है की इस दौरान नहाना नहीं चाहिये। लेकिन डॉक्टरों के अनुशार chickenpox  होने के दौरान 3 से 4 बार तक नहाना चाहिये। नहाने से शरीर में होने वाली खुजली से राहत मिलता है।
  • अगर किसी कारणवस आपको चिकन पॉक्स का टीका नहीं दिया जा सकता तो आप किसी एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगवा कर भी इसे रोक सकते हैं।

 

चिकन पॉक्स के कुछ देसी व घरेलू इलाज कुछ इस प्रकार हैं:

दोस्तों अगर देखा जाये तो चिकन पॉक्स होने के बाद इसकी कोई दवाई नहीं हैं ये अपने आप 10 या 15 दिन में ठीक हो जाता है लेकिन चिकन पॉक्स में होने वाले छालों या उनसे होने वाली खुजली, सर दर्द, थकान आदि जैसे लक्षणों को हम कुछ घरेलू इलाज के जरिये कम कर सकते हैं। ये इलाज आपको चिकन पॉक्स से थोड़ी राहत जरुर देंगे। अगर स्तिथि बहुत ही ज्यादा बिगड़ जाये तो आप डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें।चिकन पॉक्स के कुछ घरेलू इलाज इस प्रकार हैं:

1. खाने का सोडा या बेकिंग सोडा से पाएँ चिकन पॉक्स से राहत:

जब चिकन पॉक्स होता है तो इससे पीड़ित को बहुत बहुत ज्यादा जलन और खुजली होने लग जाती है, और खुलजी और जलन से राहत दिलाने में बेकिंग सोडा काफी हद तक मदद करता है। दरअसल बेकिंग सोडा हमारे शरीर की त्वचा के पी एच के स्तर को बैलेंस करने का काम करता है।इसके लिए आपको बस आपको  गिलास पानी में बेकिंग सोडा आधा चम्मच मिला लें।इसके बाद जहां पर भी चेचक के  हुए हैं वहाँ पर हलके हलके हाथ से रुई के साथ इसे लगा लें।इसके अलावा आप नहाने के समय भी इसका उपियोग कर सकते हैं।

baking soda for chikenpox

2. नीम का उपियोग भी है कारगर: 

नीम को आयुर्वेद में बकाइन के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें बहुत सारे ऐसे एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर में विषाणुओं की रोकथाम में मदद करते हैं।नीम में मौजूद गुणों के कारण ये चिकन पॉक्स से होने वाले छालों को जल्दी ठीक होने में भी मदद करते हैं। नीम से इलाज करने के लिए आपको सबसे पहले थोड़े से नीम के पत्ते लेने होंगे और इसके बाद इन्हें कूटकर अपने शरीर पर हुए छालों को लगा लें, इससे खुजली में भी आराम मिलता है। नीम के पत्तों को नहाने के पानी में डालकर नहाना भी फायदेमंद होता है।इसके अलावा आप नीम की छाल को थोड़े से पानी के साथ रगड़कर फफालों पर लगाने से ये जल्दी ठीक हो जाते है।

neem for chikenpox

3. गाजर और धनिया के उपियोग से करें चिकन पॉक्स ठीक:

आयुर्वेद के मुताबिक गाजर और धनिया में बहुत सारे ऐसे जरुरी विटामिन्स और खनिज होते हैं जो रोगों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं।शरीर से बहुत सारे ऐसे विषाक्त पधार्थों को भी बाहर निकालने का काम करते हैं जो हमारे लिए हानिकारक हो सकते हैं।इसके लिए आपको सबसे पहले 2 कप पानी लेकर उसमें थोड़ी गाजर लेकर उसे ताजा धनिये के साथ उबाल लें। अब इसे थोड़ी देर तक धीमी आंच में गर्म करें और इसके बाद ठंडा होने पर इसे पे लें। आप चाहे तो इसे दिन में 2 बार भी पी सकते हैं।

gaajar chikenpox

4. जई से करें चिकन पॉक्स का ईलाज: 

जई में बहुत सारे ऐसे एंटीवायरल और खुजली विरोधी गुण पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में चिकन पॉक्स के कारण होने वाली खुजली और जलन को खत्म करते हैं।इसके अलावा सर्दियों में जई का इस्तेमाल त्वचा संभंधित समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है।जई के इस्तेमाल हमारे शरीर में हो रहे दर्द को भी कम करने के लिए किया जाता है। इसके लिए आपको सबसे पहले जई को एक दम बारीक पीसकर या कूटकर पाउडर बना लेना है और इसके बाद इस पाउडर में करीब 2 लीटर पानी मिला लें और थोड़ी देर ऐसे ही छोड़ने एक बाद इसे किसी कपडे के द्वारा छान लें और जब भी आप नहाने जा रहे है तो इस तैयार मिश्रण को पानी में थोड़ी देर के लिए कपडे की सहायता से डुबो लें और नहा लें।

5. शहद:

दिन में 2 से 3 बार खुजली या फोड़े वाली जगह पर थोडा सा शहद लगाने से चिकन पॉक्स के कारण होने वाली खुजली को कम किया जा सकता है। इसके अलावा शहद लगाने से आपकी त्वचा पर फोड़े के निशान भी नहीं बनेंगे।

इसके अलावा दोस्तों वो कहा गया हैं ना के इलाज से परहेज बेहतर तो इसी प्रकार चिकन पॉक्स होने पर कुछ ऐसे परहेज भी हैं जो आपको रखने चाहिए:

  •  सबसे जरुरी बात ये है दोस्तों के फोड़ों वाली जगह पर आपको खुजली नहीं करनी चाहिए क्योंकि खुजली होने पर करने से संकर्मण का खतरा काफी ज्यादा         बढ़ जाता है और आपके फोड़े ठीक होने की अवधि भी बढ़ जाती है इसीलिए जितना हो सके उतना खुजली करने से बचना चाहिए।
  •  इसके अलावा आपको जंक फ़ूड तो बिलकुल भी नहीं खाना चाहिए।
  •  इसके अलावा डेरी उत्पादित पधार्थ, मांस, मछली, और जहां तक हो सके रोटी भी नहीं।
  • कच्चा मांस और तले हुए पधार्थ से भी परहेज रखना चाहिए।
  •  संतरा व अन्य खट्टे फलों से दूर रहना चाहिए।

अब दोस्तों हमने आपको ये तो बता दिया के हमें किस किस चीज का परहेज रखना चाहिए लेकिन अब आपका ये जानना भी जरुरी है के आखिर हम खाएँ क्या:

  • ताजा फलों का रस, और ताज़ी सब्जियों का रस
  • तुलसी और दालचीनी युक्त चाय
  • कच्चे फल
  • इसके अलावा तरबूज, ककड़ी, खीरा, टमाटर, कीवी आप खा सकते हैं जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो।
  • आप गाजर, चुकुंदर, अखरोट, बादाम, काजू आदि भी खा सकते हैं।

तो दोस्तों ये था हमारे द्वारा बताए गए कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे जो चिकन पॉक्स के घरेलू इलाज (Chikenpox Treatment in Hindi) आपका एक शेयर किसी को चिकन पॉक्स के कारण होने वाली परेशानी से बचा सकता है तो दोस्तों शेयर जरुर करना।

Amit Shrivastava
 

हैल्लो, मेरा नाम अमित अम्बरीष श्रीवास्तव है। मैं एक लेखक और एक ब्लॉगर हॅू और मुझे रचनात्मक लेखक बहुत पसंद है। मैंने 2013 में अपनी ब्लॉगिंग करियर की शुरूआत की थी, और कभी पीछे नहीं देखा। य​ह ब्लाग मैने स्वास्थ्य और तंदुस्र्स्ती से सम्बन्धित अपने विचार साझा करने के लिये बनाया है और मुझे आशा है कि आपको इसका कॉंटेंट पसंद आयेगा।

Click Here to Leave a Comment Below 0 comments

Leave a Reply:

CommentLuv badge