मोटापा क्या है, इसके लक्षण और कम करने के आयुर्वेदिक नुस्खे (Ayurvedic Tips For Weight Loss In Hindi)

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के द्वारा आज के समय से सबसे गंभीर और चिंताजनक बीमारी के बारे में बताने जा रहे है जो आज हमारे देश के युवा से लेकर बड़े बूढों तक सब में फ़ैल चुकी है। दोस्तों आज हम आपको मोटापा क्या है, इसके होने के लक्षण और इसे कम करने के आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं।

अगर आपको सही तरीके नहीं पता है तो दोस्तों मोटापे से छुटकारा पाना आपके लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन सकता है। आज कल बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बहुत सारे पैसे खर्च कर देते हैं और उसके भी वो मोटापा कम नहीं कर पाते। बहुत सारे तो ऐसे हो जाते हैं के उन्हें चलने फिरने तक में दिक्कत आने लग जाती है।

ayurvedic tips for loss weight

बहुत सारे लोग तो ऐसे है जिन्होंने मोटापा ज्यादा होने के कारण अपनी जान तक खोनी पड़ी है, और जो लोग जिन्दा हैं उनके लिए ये किसी मौत से कम नहीं है क्योंकि बाहर निकलते ही उनका मजाक बनाया जाता है।दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में बताने वाले हैं जिनको अपनाने के बाद आपका मोटापा कम हो जाएगा। पूरी जानकारी के लिए ये आर्टिकल पूरा पढ़ लें। तो चलिए दोस्तों सबसे पहले हम ये जान लेते हैं के आखिर ये मोटापा है क्या?

Table of Contents

क्या है मोटापा?

वैसे तो बच्चे बच्चे को पता होता है के मोटापा क्या है लेकिन आपकी जानकारी के लिए हम आपको वैज्ञानिक भाषा में मोटापे की परिभाषा को समझा देते हैं के आखिर मोटापा है क्या?

दरअसल मोटापा हम में से हर एक आदमी को हो सकता है, लेकिन हम में से कुछ ऐसे हैं जो शारीरिक परिश्रम बहुत ज्यादा करते हैं या फिर हम अपने काम को लेकर काफी ज्यादा भागमभाग करते रहते हैं। एक ऑफिस में बैठ कर काम करने वाले की अपेक्षा खिलाडी और किसान को मोटापा बहुत कम होता है, और इसका कारण यही है के वो शारीरिक मेहनत बहुत ज्यादा करते हैं।जब हम मेहनत करते हैं तो हमारे शरीर में मौजूद कैलोरी टूट जाती है और मोटापा नहीं होता।

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मोटापे में आदमी या औरत का शरीर एक ऐसी अवस्था में पहुच जाता है जब शरीर में अत्यधिक मात्रा में  वसा जमा होने लग जाती है और ये वसा हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है। दरअसल हमारे शरीर के बॉडी मास को BMI (बी.एम.आई) की मदद से नापा जाता है और ये  सामान्यतः 18.5 से 25 के बीच होता है और अगर उससे उपर ये 30 से उपर चला जाये तो हम किसी आदमी को मोटापे का शिकार मानने लग जाते हैं।

तो दोस्तों आपको पता तो चल ही गया होगा के आखिर मोटापा होता क्या है तो अब जान लेते है के मोटापे के लक्षण क्या होते हैं।

मोटापे के लक्षण

जैसे जैसे हमारे शरीर का मोटापा बढ़ता जाता है वैसे वैसे हमारे शरीर में बहुत सारे बदलाव होने लग जाते हैं, हमारे शारीरिक और मानसिक बदलाव के लक्षण हमे साफ़ साफ़ दिखाई देने लग जाते हैं। बहुत बार हम इन लक्षणों को पता होते हुए भी अनदेखा कर देते हैं जो हमारे लिए काफी हानिकारक शाबित होता है। मोटापे के कुछ प्रमुख लक्षण हैं:-

  • जैसे जैसे मोटापा बढ़ता है वैसे हमारी सांस फूलने लग जाती है
  •  मोटापा बढ़ने के साथ हमारी सांस फूलने लग जाती है
  • बहुत तेज आवाज में खर्राटे लेना
  • थोडा सा काम करते ही थकान महसूस होना
  • जोड़ो के साथ साथ पीठ में दर्द रहना
  • आत्मविश्वास की कमी महसूस होने लग जाती है जब किसी का मोटापा बढ़ता है तो
  • अकेलापन सा महसूस होना शुरु हो जाता है

अगर आप भी इन सभी लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो जितना जल्द हो सकते उतना जल्द किसी डॉक्टर या फिर फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह जरुर लें लें, अन्यथा अगर मोटापा बढ़ना शुरू हो गया तो आपको ठीक होने में काफी टाइम लग सकता है।

मोटापे का कारण

शारीरिक परिश्रम कम करना

दोस्तों आज कल के बच्चे कहे या फिर जवान बाहर खेलने कूदने की वजाय वो लोग घर में ही बैठ कर विडियो गेम, मोबाइल, कंप्यूटर इन सब पर अपना समय बिताना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक परिश्रम कम होने की वजह से मोटापा बढ़ने के चांस बहुत जायदा बढ़ जाते हैं। बच्चों के साथ साथ युवा भी ऑफिस या फिर पढाई से आने के बाद घर पर ही बैठा रहना पसंद करते हैं। शारीरिक परिश्रम करने की वजाय घर पर रहना मोटापा का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है।

 तैलीय या जंक फ़ूड खाना 

आजकल के बच्चे घर में बना खाना खाने की वजाय बाहर का अत्यधिक तैलीय खाना खाना पसंद करते हैं जो की मोटापा होने का एक सबसे प्रमुख कारण बताया गया है। जंकफूड से नै के मोटापा बढ़ता है बल्कि कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।

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 सुबह शाम व्यायाम न करना 

आजकल काम और पढाई के चक्कर में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अपने शरीर को समय ही नहीं दे पाते या फिर कुछ लोग ऐसे भी हैं के वो सुस्त ही इतने होते हैं के जानबूझ कर समय नहीं देते। ऐसे में उनका बिना व्यायाम किये रहना मोटापा बढाता

 बहुर देर तक एक ही जगह पर बैठे रहना 

जो लोग ऑफिस में काम करते हैं उनमें से बहुत सारे तो ऐसे होते हैं जो पूरा दिन एक ही जगह पर बैठ कर निकल देते हैं, और इसका नतीजा होता है मोटापा। तो बेहतर यही होगा के दिन में कम से कम 20-30 मिनट तक अपनी कुर्सी से उठकर घूमना फिरना चाहिए।

 बिना ज्ञान के डायटिंग करना 

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने आप को फिट रखने के लिए आधे अधूरे ज्ञान के साथ डायटिंग करने लग जाते हैं और इसका नतीजा ये होता है के वो या तो बीमार हो जाते हैं या फिर मोटापे के शिकार हो जाते हैं।

 आवश्यकता से अधिक खाना 

बहुत सारे ऐसे लोग देखे गए हैं जो के हर टाइम जितनी जरूरत होती है उससे अधिक खाते हैं और ये लोग थोड़ी थोड़ी देर में खाते हैं चाहे उन्होंने 10 मिनट पहले ही क्यों न खाया हो। ऐसे में वो अपने आप को मोटापे का शिकार बना रहे हैं।

jyada khana motapa ka bulava

आनुवांशिक मोटापा होना

बहुत बार देखा गया है के बहुत लोग ऐसे हैं जिनके माता पिता में से कोई न कोई मोटा है और उसका बच्चा भी मोटा ही पैदा हो गया है तो ये मोटापा उसे विरासत में मिला है और इसे हम आनुवंसिक मोटापा भी कहते हैं।

बहुत ज्यादा मानसिक तनाव के कारण

बहुत से ऐसे लोग हैं जो किसी छोटी सी बात के लिए भी ज्यादा मानसिक तनाव लेने लग जाते हैं। ये मानसिक तनाव आपमें मोटापे को जन्म दे सकती हैं जो आपके और आपके शरीर के लिए हानिकारक है।

motape ko bulava deta hai depression

दवाईयों का रिएक्शन के कारण

मोटापे का एक कारण बहुत लम्बे समय से चलती आ रही किसी भी प्रकार की बीमारी की दवाई लेने के कारण होती है। दवाई का साइड इफ़ेक्ट होना भी मोटापे का एक बहुत बड़ा कारण है। मोटापे के और भी बहुत सारे कारण हैं जैसे गलत और बहुत लम्बे समय तक सोना, खाना खाने के बाद न टहलना, लेटकर खाना खाना, खाना खाते समय पानी पीना। दोस्तों तो अब जानते हैं के आखिर इस मोटापे को कम कैसे किया जाये वो भी बिना किसी चिर फाड़ के और बिना किसी दवाई के वो भी पुरे आयुर्वेदिक तरीके से तो आइये दोस्तों जानते हैं।

मोटापा घटाने के आयुर्वेदिक नुस्खे:

हम आपको पहले कुछ ऐसे पेय पधार्थ के बारे में बताने वाले हैं जो आपका मोटापा कम करने में मदद करेंगे:

1. ग्रीन टी(Green Tea)

दोस्तों ग्रीन में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट मजूद रहते हैं जो हमारे शरीर से फालतू की चर्बी निकालने का काम करते हैं, और ये हमारे शरीर का वजन घटाने में काफी मदद करती है। अगर आप नियमित रूप से ग्रीन टी का इस्तमाल कर रहे हैं तो ये निश्चित ही आपका वजन कम करेगी। अभी हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर द्वारा किये गए एक शौध में ग्रीन में एक विशेष प्रकार का पोलीफेनॉल्स नमक तत्व पाया जाता है जो हमारे शरीर से फैट को बर्न करता है।

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ग्रीन टीन में पाए जाने वाले तत्व

दोस्तों ग्रीन टी में कुछ ऐसे तत्व यानी विटामिन ए, बी, बी5, डी, ई, सी, के पाए जाते हैं। विटामिन्स  के अलावा ग्रीन टी में सेलेनियम, क्रोमियम, जिंक, कैफीन और मैगनीज भी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। और एक चीज भी इसमें पाई जाती हैं जिसका नाम है ईजीसीजी।

ईजीसीजी का काम हमारे शरीर के प्राकृतिक रूप से तापमान को बढाता है। हमारे शरीर का ये ताप मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा होता है, और जब आप हर रोज आप एक कप ग्रीन टी पीते हैं तो आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है और जब तापमान बढ़ता है तो शरीर में कैलोरी बर्न होगी और इसका मतलब है के आपका वजन कम होगा।

2. गुनगुना पानी से करें मोटापे को कम

गुनगुना पानी हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकलता है, जिससे हमारे शरीर की गन्दगी भी बाहर निकलती हैं जोकि किडनी के माध्यम से बाहर आती है। गुनगुना पानी पीने का सबसे सही समयखाना खाने के आधे घंटे के बाद और सुबह खाली पेट पीने से। गुनगुना पानी कब्ज को भी दूर रखता है जो बहुत सारी बिमारियों की जड़ भी मानी जाती है।गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही ये मिश्रण वजन कम करने में भी फायदेमंद है। किडनी की सही देखभाल के लिए दिन में सुबह-शाम 2 बार गुनगुना पानी पीना चाहिए। जिससे शरीर में मौजूद गंदगी बाहर निकल जाती है और शरीर साफ रहता है।

gunguna paani kare motape ko khatam

हल्फे गर्म पानी में निम्बू और शहद मिलाकर पीने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक अक्षमता तो बढती ही है और इसके साथ मोटापा भी कम होता है। दिन में कम से कम 2 बार गुनगुना पानी पीना चाहिए।

3. सेब का सिरका करे चर्बी को खत्म

मोटापा घटाने के लिए हम सेब के सिरके या एप्पल साइडर विनेगर क भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जब हम सेब के सिरके का इस्तेमाल अपने दैनिक जीवन में करते हैं तो इससे शरीर में  फैट जमा नहीं होता है और इसके अन्दर मजूद पेक्टिन की वजह से पेट हमेशा भरा हुआ लगता है।एक शोध के अनुशार ये भी पाया गया है के सिरका पीने से अतरिक्त कैलोरी भी बर्न होती हैं।

seb ke sirke se kre motape ko kam

सेब के सिरके से वजन कम करने के लिए 2 चम्मच सिरके को शहद के साथ1 गिलाश गुनगुने पानी में मिलाकर नियमित अपने दैनिक जीवन में दिन में 2 नहीं तो कम से कम 1 बार तो जरुर पी लें।

4. बंद गोभी करे मोटापे को कम

पत्ता गोभी कहें या फिर बंद गोभी, दरअसल ये एक खास किसम की सब्जी है जिसके खाने से आपका वजन कम किया जा सकता है। आपको बत्रा दे के एक कप पकी हुई बंदगोभी में 33 कैलोरी होती है जो देखा जाये तो बहुत कम है और यही कारण है के ये आपका वजन नहीं बढ़ने देती और आपका वजन कण्ट्रोल रखती है। बंदगोभी का सूप पीने से ये शरीर से फैट की मात्रा को घटा देता है और शरीर को एनर्जी देता है।

5. भोजन शैली या खाने के समय को सही रखना

दोस्तों ये तो आपको भी पता है के जो खाना हम खाते हैं वो हमारे और हमारे शरीर के लिए एक तरह से इंधन का काम करता है। जब हम इस इंधन को सही समय और पर्याप्त मात्रा में लेंगे तो ये हमारे लिए किसी औषधि से कम नहीं होगा लेकिन जब हम इसे  गलत समय और अधिक मात्रा में खाते हैं तो ये हमारे शरीर पर सही की जगह उल्टा प्रभाव डालता है और नतीजन हम या तो बीमार हो जाते हैं या फिर मोटापा बढ़ने लग जाता है तो दोस्तों भोजन करने का सही समय नीचे हमारे द्वारा दिया है इसे अपनी जीवन शैली में अपना लें:

  • ब्रेकफास्ट या नास्ता करने का समय : सुबह 7:30 से लेकर 9:०० बजे के बीच (ज्यादा मात्रा में खाने से बचना होगा)
  • लंच करने का समय: दोपहर 12:०० से 2 :०० के बीच (आप पेट भर कर खा सकते हैं)
  • डिनर का सही समय: शाम को 6:00 से 8:00 के बीच (जितना कम हो सके उतना कम खाएं)

6. वजन कम करने के लिए आयुर्वेदिक तरीके

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  • सुबह उठकर हमें हर रोज अपने शरीर को व्यायाम करने के अनुरूप ढालना होगा, क्योंकि व्यायाम न सिर्फ हमारे मन को सुद्धि देता है बल्कि हमारे शरीर के फैट को कम भी करता है।
  • डीप ब्रीथिंग और प्राणायाम जैसे कई ऐसे व्यायाम है जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ साथ मोटापे को भी कम करते हैं।
  • दिन के समय में सोना मोटापे को बढ़ावा देता है तो कोशिश करें के दिन के समय में न सोया जाये।
  • रात को खाना खाने के बाद थोडा बहुत टहलना।
  • हर रोज सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना।

7. पाचक गुणों वाली आयुर्वेदिक चाय

वैसे पीने को तो आप ग्रीन टी और गुनगुना पानी भी पी सकते है लकिन बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो के चाय के बिना नहीं रह सकते तो उनके लिए खास आयुर्वेदिक चाय जैसे के तुलसी की चाय, निम्बू की चाय, अदरक की चाय, मिनट की चाय, और भी बहुत सारी ऐसी चाय हैं जो आपके शरीर से फैट को कम करने में मदद करेंगी और आपका मोटापा भी कम करेंगी। रोज सुबह और शाम एक-एक कप कोई भी चाय पी लीजिये।

8. मिश्री करें मोटापा कम 

मिश्री, सौंठ और सूखे धनिये को एक साथ बराबर मात्रा में लेकर इन्हें पीश ले और हर रोज सुबह खाली पेट और खाना खाने के बाद एक चम्मच लें। इससे न सिर्फ आपकी पाचन क्रिया में सुधर होगा बल्कि आपके शरीर की चर्बी भी कम होगी।

9. सहजन करेगा मोटापे को कम 

सहजन या सहिजन या सैजना – इस फली वाले पेड़ को आप जिस भी नाम से जानते हों – यह और जान लें कि इसके पास आपके मोटापे का उपयुक्त आयुर्वेदिक इलाज है। सहजन के पेड़ के पत्ते का रस निकालें, और रोजाना उसका 3 चम्मच सेवन करें। इससे आपकी चर्बी और त्वचा का ढीलापन कम होगा। इसकी फली और पत्तों दोनों की सब्जी खाने से भी समान लाभ होता है (और यह काफी स्वादिष्ट भी होता है)।

सहजन के पेड़ की पत्तियों को पीसकर इनका रस निकाल लें और रोजाना इसका 3 चम्मच सेवन करें।ये आपकी त्वचा का ढीलापन और चर्बी को खत्म करने में मदद करेगा। इसको आप अन्य नाम से भी जानते होंगे जैसे की सहिजन या सैजना। इसकी पत्तियों की सब्जी बनाकार भी खाने से मोटापे को कम किया जा सकता है।

10. चुने का सेवन करे मोटापे को कम

क्या आपको पता है के चूना खाने से भी आपके शरीर का वजन कम हो सकता है। इसके लिए आपको 15 ग्राम चूना ले और इसे पीस लें और इसमें 250 गरम देसी घी मिला लें। इसके बाद इस मिश्रण को कपडे से छान लें, और सुबह शाम 6 गरम सेवन कर लें। इससे आपका मोटापा कम होगा लेकिन एक ध्यान रखें के इसका सेवन ज्यादा मात्रा में नै करें, अन्यथा आपके शरीर को नुकशान हो सकता है।

11. खाना खाने के बाद हमेशा थोडा टहल लें

आयुर्वेद की माने तो भोजन को पचाने के सबसे बढ़िया  तरीका ये है के आप खाना खाने के बाद थोडा सा टहल लें इससे भोजन पच जाएगा और आपका वजन भी नियंत्रण में रहेगा।

12.मुँह को हमेशा स्वच्छ रखें

आयुर्वेद में कहा गया है के मुँह और जीभ की सफाई बहुत ज्यादा जरुरी हैं, क्योंकि रातभर हमारी जीभ पर लाखों की संख्या में कीटाणु जमा हो जाते हैं। अगर इन कीटाणुओं को साफ़ नहीं किया तो ये हमारे पाचन तंत्र और हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक अक्षमता को कम कर देते हैं जिसका नतीजा मोटापा होता है तो बेहतर यही है के हर रोज सुबह उठकर और रात को सोने से पहले अपनी जीभ साफ़ कर लें।

13. अभ्यंग या तेल मसाज़ 

दरअसल हमारे शरीर पर तेल से मालिश करना आयुर्वेद में बहुत जरुरी बताया गया है क्योंकि ये न सिर्फ तनाव को कम करता है बल्कि शरीर की चर्बी को भी कम करने में मदद करता है।आपको पता तो है ही के आधा मोत्पा हमारे मानशिक तनाव के कारण होता है और तेल की  मालिश तनाव को कम करती है तो यही कारण है के तेल से मसाज हमारे रक्तचाप को और मानशिक तनाव को कम करता है।

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14. नाक के अन्दर हर्बल आयल डालें 

दोस्तों अगर आपको जुखान बार बार हो रहा है तो ये आपके मोटापे को बुलावा देता है। अगर आपको जुकाम ज्यादा हो रहा है तो इसका सबसे आसन उपाय है के हर रोज सुबह उठकर अपने नाक में हर्बल तेल डालें। इससे आपको जुकाम की हालत में सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी और आपका वजन भी नहीं बढेगा।

15. अपने खाने में आयुर्वेद में बताए गए सभी छः प्रकार के भोजन को शामिल करें

ारतीय पद्धति या आयुर्वेद के अनुसार स्वाद तीन नहीं बल्कि छः तरीके के होते हैं – मीठा, खट्टा, कड़वा, कसैला, तीखा और नमकीन। अगर आप इनमें से किसी एक तो भी कम या अधिक मात्रा में लेते हैं तो शरीर में डिस्बैलेंस की स्तिथि बन जाती है और आपका वज़न बढ़ते लगता है। इससे बचने के लिए, सभी स्वाद बराबर मात्रा में खाइये।

दरअसल दोस्तों आयुर्वेद में हमारे भोजन के छः प्रकार बताए गए हैं जोकि, खट्टा, मीठा, कडवा, कसेला, तीखा और नमकीन ये 6 प्रकार के खाने बताए गए हैं।जब आप इमें से किसी एक प्रकार के भोजन को अधिक मात्रा शरीर का नियंत्रण खराब हो जाएगा और नतीजन आपको मोटापे या अन्य प्रकार की बिमारियों का सामना करना पड़ेगा। तो अगर आपको मोटापे की समस्या से बचना है तो इन सबको एक निश्चित मात्रा में खाएं।

16. वज़न कम करने के लिए पेय पधार्थ ले

कुछ ऐसे आयुर्वेदिक पेय पधार्थ हैं जिनका आप निश्चित रूप से सेवन करें तो आपका मोटापा कम करने में मदद कर सकते हैं:

  • नींबू पानी और शहद को मिलाकर पीना
  • ग्रीन टी का निश्चित सेवन
  • आंवला जूस हर रोज पीना
  • एलोवेरा जूस भी करता है मोटापा कम

17. उपवास रखें

अगर आयुर्वेद की माने तो उपवास रखना कोई धार्मिक कार्य नहीं हैं बल्कि हर रोज जो हम भोजन करते हैं उससे चर्बी जमा हो जाती है और उसे पचाने के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार बिना कुछ खाए पिए उपवास रखना चाहिए ताकि जो अतिरिक्त चर्बी है वो निकल जाए। इससे आपका पाचन तंत्र भी सही रहेगा और आपका वजन भी नियंत्रण में रहेगा।

18.  खाना हमेशा चबा चबा कर और तस्सली से ही खाएं

अगर आप खाना जल्दी जल्दी और बिना ढंग से चबाए खा रहे हैं तो इससे आपका आपकी पाचन क्रिया तो बिगड़ेगी ही बल्कि आपको पथरी जैसी दर्दनाक बीमारी तक का भी सामना करना पड़ सकता है। आयुर्वेद में कहा गया है के खाने खाते समय उसे 32 बार चबा लेना चाहिए ताकि पाचन तंत्र को इसे पचाने में कोई दिक्कत न आये।

तो दोस्तों ये थे आयुर्वेद द्वारा बताए गए कुछ वजन कम करने के उपाय (Ayurvedic tips for weight loss in hindi). आशा है के हमारे द्वारा बताए गए इन तरीकों को अपनाकर आपका वजन निश्चित ही कम हो जाएगा और आप एक दम चुस्त दुरुस्त दिखाई दोगे। 

 

Amit Shrivastava
 

हैल्लो, मेरा नाम अमित अम्बरीष श्रीवास्तव है। मैं एक लेखक और एक ब्लॉगर हॅू और मुझे रचनात्मक लेखक बहुत पसंद है। मैंने 2013 में अपनी ब्लॉगिंग करियर की शुरूआत की थी, और कभी पीछे नहीं देखा। य​ह ब्लाग मैने स्वास्थ्य और तंदुस्र्स्ती से सम्बन्धित अपने विचार साझा करने के लिये बनाया है और मुझे आशा है कि आपको इसका कॉंटेंट पसंद आयेगा।

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